InScript पर हिंदी टच टाइपिंग सीखें
पाठ चुनें और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार टाइप करें। यदि सीखना शुरू कर चुके हैं, तो सुझाया गया पाठ देखें। शुरुआत में अपना ध्यान सही इनपुट, स्पष्ट पढ़ने और वर्तमान काम पर रखें।
हिंदी InScript टाइपिंग सीखें: अपना शुरुआती पाठ चुनें
नए शिक्षार्थी पहले पाठ से शुरू कर सकते हैं। पहले से काम कर रहे हैं तो पाठों के क्रम में सुझाई गई जगह देखें। प्रगति के अनुसार अगला पाठ, चल रहा पाठ या पहला अधूरा पाठ सामने आ सकता है। सबसे तेज दिखने वाले काम को चुनने के बजाय वह पाठ खोलें जो आपके वर्तमान सीखने के क्रम से मेल खाता है। इससे आप पढ़ सकते हैं कि उस काम में किस बात पर ध्यान देना है।
पाठ खोलने के बाद तुरंत टाइप करने की जरूरत नहीं है। पहले निर्देश पढ़ें और देखें कि कौन सा पाठ दर्ज करना है। यदि किसी कुंजी की जगह याद नहीं है, तो उपलब्ध मार्गदर्शन से उसका संबंध समझें। केवल पिछले पाठ की हरकत दोहराना पर्याप्त नहीं, क्योंकि वर्तमान काम अलग कुंजियों या अलग क्रम पर ध्यान दिला सकता है। हर बार सक्रिय निर्देश ही आपके काम का आधार हैं।
शुरुआत करने के चरण
- पाठों का क्रम खोलें। पहली बार सीख रहे हैं तो शुरुआती पाठ चुनें; पहले से काम किया है तो सुझाए गए पाठ और उसकी स्थिति को देखें।
- अपने सक्रिय इनपुट का मिलान हिंदी InScript से करें। केवल हिंदी भाषा चुनी होने से हर कीबोर्ड का आउटपुट एक जैसा नहीं हो जाता।
- पाठ के निर्देश पढ़ें। दिए गए कुंजी और उंगली संबंधी मार्गदर्शन को वर्तमान काम से जोड़ें, न कि याद किए हुए किसी दूसरे लेआउट से।
- दिखाई गई सामग्री को पढ़कर टाइप करें। अक्षर, मात्रा, खाली जगह और चिह्न को अलग-अलग पहचानें। अपनी ओर से शब्द या विराम चिह्न न बदलें।
- गलती होने पर पहले कारण जाँचें। क्या आपने पाठ गलत पढ़ा, गलत कुंजी दबाई, या सक्रिय इनपुट ने अपेक्षा से अलग आउटपुट दिया?
- काम पूरा करके परिणाम और सारांश पढ़ें। उसी जानकारी तथा पाठ के निर्देशों के आधार पर आगे बढ़ने या दोहराने का निर्णय लें।
- सीखी हुई हरकत को वाक्यों में लागू करने के लिए अभ्यास खोलें। अलग गति मापना चाहते हैं तो स्पष्ट विकल्पों के साथ टेस्ट चुनें।
InScript कीबोर्ड और सक्रिय इनपुट का मिलान
यह संस्करण हिंदी InScript के लिए है। अपने उपकरण पर वही इनपुट सक्रिय रखें जो इस व्यवस्था से मेल खाता है। दूसरे लेआउट की याद के आधार पर दबाई गई कुंजी अलग अक्षर दे सकती है। यदि कई परिचित अक्षर लगातार अपेक्षा से अलग निकल रहे हों, तो केवल उंगलियों की गति को दोष देने से पहले सक्रिय इनपुट जाँचें। सेटअप की समस्या और सीखने की समस्या के लिए अलग कदम जरूरी हैं।
मिलान जाँचने का व्यावहारिक तरीका है अपेक्षित अक्षर और वास्तविक आउटपुट की तुलना करना। देखें कि पाठ में क्या माँगा गया और आपकी कुंजी से क्या आया। यदि वही अंतर दोबारा आता है, तो इनपुट की स्थिति देखें। यदि कभी सही और कभी गलत पड़ोसी अक्षर आ रहा है, तो हरकत की दिशा पर ध्यान दें। एक ही दिखाई देने वाली गलती के पीछे अलग कारण हो सकते हैं।
पाठ में दिए गए कुंजी और उंगली संबंधी निर्देशों को इस्तेमाल करें। उन्हें दूसरी व्यवस्था के निर्देशों के साथ मिलाकर अनुमान न लगाएँ। आप किसी कुंजी की जगह देखने के बाद पाठ पर वापस लौट सकते हैं और वही हरकत सावधानी से आजमा सकते हैं। उद्देश्य वर्तमान काम को सही व्यवस्था में करना है। इनपुट बदलने के बाद फिर से जाँचें कि अक्षर और चिह्न अब निर्देशों से मेल खाते हैं।
टच टाइपिंग के पाठ में अक्षर और मात्राएँ पढ़ें
देवनागरी पाठ पढ़ते समय पूरे शब्द को पहचानना उपयोगी है, लेकिन टाइप करते समय उसके सही रूप पर भी ध्यान देना होता है। मात्रा, नुक्ता या अन्य चिह्न छूटने पर शब्द परिचित लग सकता है फिर भी आउटपुट अलग होगा। पाठ में दिखाई गई सामग्री को आधार बनाएँ। कोई रूप आपके सामान्य लेखन में अधिक परिचित है तो भी इस काम में उसे अपनी ओर से बदलने की जरूरत नहीं है।
किसी मात्रा की दिखाई देने वाली जगह को देखकर कुंजी दबाने का क्रम अनुमान से तय न करें। सक्रिय InScript इनपुट और उपलब्ध निर्देशों का पालन करें। यदि आउटपुट अलग दिख रहा है, तो शब्द को छोटे हिस्से में पढ़ें: कौन सा अक्षर चाहिए, कौन सा चिह्न जुड़ा है, और अभी कौन सा हिस्सा दर्ज हुआ है? इस तरह आप पढ़ने की गलती को कुंजी की जगह भूलने से अलग कर सकते हैं।
पढ़ने का उदाहरण
मान लें कि निर्देश में “दिन” है लेकिन आपने “दीन” लिखा। दोनों रूपों में केवल गति का अंतर नहीं है; मात्रा अलग है। पहले देखें कि आपने किस रूप को पढ़ा था। यदि मन में “दीन” था, तो अगली बार शब्द की मात्रा देखकर शुरुआत करें। यदि सही रूप पढ़ा था लेकिन दूसरी मात्रा निकल गई, तो संबंधित कुंजी और इनपुट जाँचें। एक छोटी तुलना आपको अधिक उपयोगी अगला कदम दे सकती है।
यह उदाहरण किसी खास पाठ की सामग्री नहीं बताता। अपने वास्तविक काम में वही तुलना लागू करें जो स्क्रीन पर दिख रही है। सभी अक्षरों को एक साथ सुधारने की कोशिश के बजाय उस अंतर को पहचानें जो वर्तमान गलती समझाता है। जब कारण स्पष्ट हो, तब अगले प्रयास में एक बदलाव आजमाना आसान होता है।
खाली जगह, बड़ी बात नहीं लगने वाले चिह्न और सही क्रम
खाली जगह अक्सर जल्दी पढ़ते समय छूट जाती है। यदि दो शब्द जुड़े हुए निकलें, तो केवल अंतिम अक्षर न देखें। शब्दों के बीच की जगह की तुलना करें और पहचानें कि आप अगला शब्द शुरू करते समय space देना भूल गए या पढ़ते हुए सीमा ही नहीं देखी। अगले प्रयास में उसी सीमा पर ध्यान दें। सभी अक्षरों की गति बदलना इस समस्या का जरूरी समाधान नहीं है।
विराम चिह्न भी पाठ का हिस्सा हैं। जहाँ अल्पविराम, पूर्ण विराम या कोई अन्य चिह्न दिखे, वहीं दिया गया चिह्न दर्ज करें। वाक्य का अर्थ समझ आने से पूरा पाठ अपने आप सही नहीं हो जाता। चिह्न के पहले और बाद की खाली जगह भी देखें। अपनी सामान्य लिखने की आदत के अनुसार नया चिह्न जोड़ने से आउटपुट निर्देश से अलग हो सकता है।
यदि किसी चिह्न के लिए अलग हरकत चाहिए, तो पहले उसे पढ़ लें। अंत तक पहुँचकर अचानक अनुमान लगाने से बेहतर है कि छोटा हिस्सा आगे देख लिया जाए। फिर सक्रिय स्थान पर वापस ध्यान दें। आगे पढ़ना तैयारी है; इसका अर्थ नहीं कि अगले शब्द को वर्तमान शब्द में जोड़ दें या बीच का चिह्न छोड़ दें।
कुंजियों को देखने की आदत के साथ काम कैसे करें
यदि अभी कुंजियाँ देखनी पड़ती हैं, तो उस कुंजी को पहचानें जिसकी जगह स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध मार्गदर्शन देखें, उंगली की जगह तय करें और फिर स्क्रीन के पाठ पर लौटकर हरकत करें। केवल कीबोर्ड देखते हुए टाइप करने पर वर्तमान अक्षर या अगली खाली जगह छूट सकती है। बार-बार पूरे वाक्य में नजर भटकाने के बजाय जिस जगह पर संदेह है, उसी को जाँचें।
आप एक छोटे लक्ष्य से शुरुआत कर सकते हैं: किसी परिचित हिस्से को स्क्रीन देखते हुए टाइप करना और अनिश्चित कुंजी पर रुककर निर्देश पढ़ना। यह निजी अभ्यास का तरीका है, कोई तय समय में बदलाव का वादा नहीं। जरूरत हो तो हरकत धीमी करें ताकि सही जगह समझ सकें। केवल नजर न झुकाने की कोशिश करते हुए गलत कुंजी बार-बार दबाना उपयोगी निर्णय नहीं होगा।
कुंजी देखने के बाद पाठ में अपनी जगह दोबारा ढूँढ़ें। कौन सा अक्षर दर्ज हो चुका है और अगला क्या है, यह स्पष्ट कर लें। इस छोटे कदम से आप स्थिति भूलने और कुंजी भूलने के बीच अंतर देख सकते हैं। जब निर्देश समझ में नहीं आते, तो आगे दौड़ने के बजाय उन्हें फिर पढ़ना बेहतर अगला काम है।
बार-बार होने वाली गलती को छोटे काम में बदलें
“मुझसे हिंदी टाइपिंग नहीं होती” बहुत बड़ा निष्कर्ष है। “मैं इस मात्रा को दूसरी मात्रा से बदल रहा हूँ” एक स्पष्ट समस्या है। परिणाम या अपने काम को देखते समय ऐसी भाषा चुनें जिससे अगला कदम तय हो। हर गलती के लिए एक जैसा अभ्यास जरूरी नहीं। पढ़ने में छूटा चिह्न, गलत इनपुट और पड़ोसी कुंजी दबना अलग स्थितियाँ हैं।
| दिखाई देने वाला अंतर | पहले क्या देखें | अगला छोटा कदम | | --- | --- | --- | | कई कुंजियाँ अलग अक्षर दे रही हैं | सक्रिय InScript इनपुट | व्यवस्था मिलाने के बाद काम दोहराएँ | | मात्रा बदल रही है | अपेक्षित रूप और दर्ज रूप | मात्रा पढ़ें, फिर संबंधित कुंजी जाँचें | | पड़ोसी कुंजी बार-बार दब रही है | उंगली की शुरुआत और दिशा | उसी हरकत को सावधानी से करें | | दो शब्द जुड़ रहे हैं | शब्दों के बीच की खाली जगह | अगली सीमा देखकर space दें | | पाठ में जगह भूल रहे हैं | अंतिम दर्ज हिस्सा | अगला अक्षर पहचानकर आगे बढ़ें |
एक पंक्ति चुनें जो आपकी वर्तमान गलती से मेल खाती है। फिर वही कदम आजमाएँ। यदि नया प्रयास अलग परिणाम देता है, तो देखें कि आपने वास्तव में क्या बदला था। एक साथ इनपुट, पढ़ने का तरीका और गति बदल देने पर कारण समझना कठिन हो सकता है। छोटे निर्णय सीखने के काम को अधिक स्पष्ट बनाते हैं।
पाठ का परिणाम पढ़कर आगे बढ़ें या दोहराएँ
पाठ पूरा होने पर उसका परिणाम और सारांश पढ़ें। पाठों के मूल्यांकन तथा सितारों के अपने नियम हैं। इन्हें टाइपिंग टेस्ट के WPM या accuracy की गणना समझकर निर्णय न लें। परिणाम यह समझने का स्थान है कि वर्तमान काम में क्या हुआ और निर्देशों के अनुसार अगला कदम क्या हो सकता है। सभी पाठों पर एक ही गति सीमा लागू होने का अनुमान न लगाएँ।
यदि निर्देश स्पष्ट थे लेकिन एक विशेष हरकत अस्थिर रही, तो दोहराते समय उसी पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। यदि काम सही समझकर पूरा किया और आगे का पाठ सुझाया जा रहा है, तो उसे पढ़ें। दोहराना केवल उसी परिणाम की संख्या पाने की कोशिश नहीं होना चाहिए। पहले तय करें कि अगले प्रयास में किस बात को जाँचना है।
अपने परिणाम को दूसरे उपकरण या दूसरे इनपुट वाले किसी व्यक्ति के परिणाम का सीधा विकल्प न मानें। पहले अपनी स्थिति समझें। जिस काम में कुंजी की जगह सीखनी है, वहाँ अलग गति टेस्ट बार-बार करना उस निर्देश को पढ़ने का स्थान नहीं लेता। परिणाम के बाद चुना हुआ काम आपकी वास्तविक जरूरत से जुड़ा होना चाहिए।
सीखने की एक उदाहरणात्मक प्रक्रिया
मान लें कि आपने एक पाठ खोला और देखा कि मात्रा वाले हिस्से में रुकना पड़ रहा है। पहले निर्देश पढ़ें और इनपुट मिलाएँ। काम करते समय उस मात्रा का रूप पहचानें। परिणाम पढ़कर देखें कि समस्या एक ही जगह बार-बार आती है या किसी अन्य हिस्से में भी। अगले प्रयास में वही मात्रा ध्यान से पढ़ने और सही कुंजी की हरकत पर काम करें।
इसके बाद संबंधित हरकत को वाक्यों में इस्तेमाल करना चाहें तो अभ्यास खोलें। वहाँ हर नए वाक्य को पढ़कर सीखी बात लागू करें। यदि कुंजी की जगह फिर अस्पष्ट लगे, तो पाठ में वापस आना भी स्पष्ट निर्णय है। अलग माप की जरूरत हो तो टेस्ट चुनें और उसकी शर्तें तय करें। यह क्रम एक उदाहरण है; आपके वास्तविक निर्देश और परिणाम अगले कदम का आधार रहेंगे।
हिंदी टाइपिंग अभ्यास में सीखा हुआ लागू करें
InScript हिंदी टाइपिंग अभ्यास में वर्तमान वाक्य के बाद अगला वाक्य आता है। उपलब्ध सामग्री तथा कुंजियों की जानकारी के आधार पर आगे का काम चुना जाता है। वहाँ पाठ में समझी हरकतों को जुड़े हुए पाठ में लागू कर सकते हैं। हर गलती के तुरंत बाद उसी कुंजी का वाक्य मिलने का अनुमान न रखें; अपने चुने हुए ध्यान को अगले उपयुक्त स्थान पर लागू करें।
अभ्यास तब चुनें जब कुंजी की जगह समझते हैं और वाक्य में उसका प्रयोग करना चाहते हैं। यदि बुनियादी निर्देश ही स्पष्ट नहीं हैं, तो पहले पाठ पर लौटें। दोनों कामों का उद्देश्य अलग है, इसलिए एक को दूसरे की जगह करने की जरूरत नहीं। अपने अगले काम को एक वाक्य में कह सकते हैं: “अब इस हरकत को शब्दों के बीच इस्तेमाल करूँगा।”
हिंदी टाइपिंग टेस्ट से अलग माप लें
InScript हिंदी टाइपिंग टेस्ट अलग माप के लिए है। समय, शब्द संख्या या अपनी सामग्री का विकल्प चुनकर काम करें। तुलना करते समय इनपुट, उपकरण और विकल्प एक जैसे रखें। पाठ के सितारों को टेस्ट के WPM से बदलकर न पढ़ें; दोनों के परिणामों के अपने नियम हैं।
टेस्ट करने से पहले तय करें कि किस काम को मापना है। परिणाम देखने के बाद यदि बार-बार गलती की वजह स्पष्ट हो, तो अभ्यास या पाठ में लौटें। सिर्फ नया टेस्ट खोलना अपने आप उस हरकत को समझने का तरीका नहीं है। माप को अगले काम चुनने के लिए इस्तेमाल करें, और जरूरत के अनुसार सीखने या अभ्यास की ओर जाएँ।
पाठों के बारे में सामान्य प्रश्न
पहली बार कौन सा पाठ चुनूँ?
पहले पाठ से शुरुआत करें और उसका निर्देश पढ़ें। पहले से सीख रहे हैं तो प्रगति के अनुसार सुझाया गया पाठ देखें। केवल नाम देखकर कठिन काम चुनने के बजाय वर्तमान निर्देश समझें।
अधूरा पाठ कहाँ से जारी करूँ?
पाठों के क्रम में सुझाई गई जगह देखें। वह अगला, चल रहा या पहला अधूरा पाठ दिखा सकता है। खोलने के बाद पहले वर्तमान काम पढ़ें ताकि पिछली हरकत के अनुमान पर आगे न बढ़ें।
क्या कोई भी हिंदी कीबोर्ड इस्तेमाल कर सकता हूँ?
इस संस्करण के लिए सक्रिय इनपुट हिंदी InScript से मिलाएँ। अलग व्यवस्था में कुंजियों का आउटपुट अलग हो सकता है। यदि अपेक्षित अक्षर नहीं आता, तो इनपुट जाँचें और फिर काम दोहराएँ।
अभी कुंजियाँ देखनी पड़ती हैं तो क्या करूँ?
अनिश्चित कुंजी का मार्गदर्शन देखें, उसकी जगह पहचानें और फिर स्क्रीन के पाठ पर लौटकर हरकत करें। अगला अक्षर भी पढ़ें ताकि नजर बदलने के बाद पाठ में अपनी जगह न भूलें।
क्या पाठ के सितारे गति टेस्ट की तरह हैं?
नहीं। पाठों के मूल्यांकन और सितारों के अपने नियम हैं। परिणाम तथा निर्देश पढ़कर आगे बढ़ने या दोहराने का निर्णय लें; सभी पाठों के लिए एक समान टेस्ट सीमा न मानें।
पाठ के बाद अभ्यास करूँ या टेस्ट?
वाक्यों में हरकत लागू करनी है तो अभ्यास करें; अलग शर्तों में माप लेना है तो टेस्ट चुनें। कुंजी की जगह अस्पष्ट है तो पहले पाठ का मार्गदर्शन दोबारा पढ़ें।
सीखना शुरू करें: पाठ चुनें, InScript इनपुट मिलाएँ और वर्तमान निर्देश पढ़कर टाइप करें। परिणाम के बाद एक स्पष्ट अगला कदम चुनें।