t typekute
आँकड़े
HI
मेट्रिक्स: गति: सटीकता: स्कोर: 0
मौजूदा कुंजी: -
सभी कुंजियाँ:
इस
कमरे
में
मेज
कहाँ
रखें?
उसने
पूछा।
भाई
ने
खिड़की
की
ओर
इशारा
करके
कहा
कि
वहाँ
रोशनी
अच्छी
मिलेगी
लेकिन
रास्ता
खुला
रखने
के
लिए
कुर्सी
दूसरी
दीवार
के
पास
रखनी
होगी।

InScript पर हिंदी टाइपिंग अभ्यास करें

वर्तमान वाक्य पढ़ें और उसे टाइप करें। उसके बाद अगला वाक्य सक्रिय होता है। एक स्पष्ट हरकत पर ध्यान देकर इस क्रम में अभ्यास करें और दिखाई गई जानकारी से अपना अगला निर्णय लें।

हिंदी टाइपिंग अभ्यास InScript: वर्तमान वाक्य से शुरू करें

इस अभ्यास में आपको हर बार नया वाक्य स्वयं चुनने की जरूरत नहीं है। एक वाक्य वर्तमान काम है और अगला तैयार किया जाता है। पहला पूरा होने पर अगला सक्रिय होता है। जिस जगह अभी टाइप करना है, उसी पर ध्यान रखें। आगे का वाक्य दिखाई दे तो उसे पढ़ना तैयारी हो सकती है, लेकिन उसके शब्दों को वर्तमान काम में जोड़ना ठीक नहीं होगा।

पहले वाक्य का छोटा हिस्सा पढ़ें। अक्षर और मात्रा पहचानें, फिर उसी जगह की हरकत करें। केवल अर्थ समझकर जल्दी-जल्दी आगे बढ़ने पर कोई छोटा शब्द या खाली जगह छूट सकती है। बहुत आगे का अनुमान लगाने के बजाय सक्रिय हिस्से और उसके निकट के शब्द को देखें। यदि पढ़ते हुए जगह खो जाए, तो अंतिम दर्ज हिस्सा पहचानकर अगला अक्षर तय करें।

अभ्यास करने के चरण

  1. अपने सक्रिय कीबोर्ड इनपुट का हिंदी InScript से मिलान करें। अपेक्षित अक्षर और वास्तविक आउटपुट में अंतर है तो पहले व्यवस्था जाँचें।
  2. वर्तमान वाक्य पढ़ें। मात्रा, खाली जगह और विराम चिह्न देखें, क्योंकि वे भी कॉपी किए जाने वाले पाठ का हिस्सा हैं।
  3. सक्रिय स्थान पर टाइप करें। शब्दों को अपने पसंद के रूप में न बदलें और अगले वाक्य की सामग्री पहले से न जोड़ें।
  4. गलती हो तो अपेक्षित रूप से तुलना करें। पढ़ने, कुंजी की हरकत और इनपुट के कारण को अलग पहचानने की कोशिश करें।
  5. वाक्य पूरा करके अगले सक्रिय वाक्य पर जाएँ। सामग्री तैयार होने का इंतजार हो तो नई पंक्ति उपलब्ध होने पर ही आगे बढ़ें।
  6. गति, सटीकता और कुंजियों पर प्रदर्शन की जानकारी पढ़ें। अगले वाक्य के लिए एक ध्यान चुनें, जैसे शब्दों की सीमा या किसी मात्रा का सही रूप।
  7. गति या सटीकता पर ध्यान देने वाले विकल्प उपलब्ध हों तो जरूरत के अनुसार चुनें। मौजूदा वाक्य में भी ध्यान बदल सकते हैं।

InScript इनपुट तैयार करें और आउटपुट से मिलाएँ

यह संस्करण हिंदी InScript की व्यवस्था के लिए है। किसी दूसरे हिंदी लेआउट की आदत से कुंजी दबाने पर अलग अक्षर निकल सकता है। यदि कई कुंजियाँ अपेक्षा से अलग काम कर रही हैं, तो पहले सक्रिय इनपुट देखें। एक गलत अक्षर देखकर तुरंत पूरी व्यवस्था बदलना भी जरूरी नहीं है; अंतर को दोबारा पहचानें और देखें कि क्या वह लगातार वही है।

जाँच में तीन बातें उपयोगी हैं: स्क्रीन पर माँगा गया रूप, दबाई गई कुंजी और निकला हुआ रूप। यदि आपने गलत रूप पढ़ा, तो इनपुट बदलने से पढ़ने का कारण नहीं सुधरेगा। यदि सही कुंजी से लगातार दूसरा आउटपुट आता है, तो केवल गति घटाने से व्यवस्था का अंतर नहीं मिटेगा। यदि सही पढ़ा और सही व्यवस्था है, तब उंगली की शुरुआत तथा हरकत की दिशा पर ध्यान दें।

इनपुट ठीक करने के बाद वही अक्षर या चिह्न फिर देखें। साथ में कोई परिचित अक्षर भी जाँचें ताकि केवल एक संयोग को सुधार न मान लें। फिर वर्तमान वाक्य में लौटें और अपनी जगह पहचानें। सेटअप जाँचने के दौरान मानसिक रूप से अगले शब्द में चले गए हों तो बिना पढ़े आगे टाइप करना नई गलती बना सकता है।

मात्राएँ और देवनागरी रूप ठीक कॉपी करें

हिंदी का शब्द पहचान लेना और उसका रूप ठीक दर्ज करना अलग काम हैं। मात्रा बदलने से आउटपुट बदलता है, चाहे वाक्य का अर्थ आपको अनुमान से समझ आ रहा हो। पाठ में जो रूप दिया है, वही आधार रखें। किसी दूसरे परिचित शब्द के अनुसार मात्रा बदलना इस अभ्यास में कॉपी करने का उद्देश्य पूरा नहीं करता।

मात्रा की दिखाई देने वाली स्थिति से कुंजी क्रम का अनुमान न लगाएँ। सक्रिय InScript व्यवस्था और उपलब्ध मार्गदर्शन के अनुसार काम करें। यदि अक्षर और मात्रा मिलकर सही रूप नहीं बना रहे, तो छोटे हिस्से में तुलना करें। कौन सा अक्षर चाहिए, कौन सा चिह्न उससे जुड़ा है और आपने कौन सा आउटपुट दिया है, यह स्पष्ट करें। एक बार में पूरा वाक्य ठीक करने की कोशिश से यह तुलना कठिन हो सकती है।

उदाहरणात्मक स्थिति

मान लें कि वाक्य में “दिन” है लेकिन “दीन” दर्ज हुआ। पहले मात्रा देखें। यदि आपने शब्द गलत पढ़ा था, तो अगली बार संबंधित रूप पर नजर रोकें। यदि सही पढ़ा लेकिन दूसरी मात्रा निकल गई, तो कुंजी और इनपुट का संबंध जाँचें। दोनों स्थितियों में दिखता अंतर एक जैसा है, लेकिन अगला कदम अलग होगा।

दूसरे उदाहरण में “काम है” की जगह “कामहै” लिखा गया। अक्षर सही हो सकते हैं, लेकिन शब्दों के बीच की जगह गायब है। यहाँ किसी मात्रा की कुंजी पर काम करना मूल समस्या नहीं है। शब्द की सीमा पढ़ें और अगला शब्द शुरू करने से पहले खाली जगह देने पर ध्यान रखें। गलती को जितना स्पष्ट नाम देंगे, अगला अभ्यास उतना स्पष्ट चुन सकेंगे।

खाली जगह और विराम चिह्न का ध्यान रखें

खाली जगह के लिए सही समय भी जरूरी है। कुछ गलतियाँ अगला शब्द जल्दी शुरू करने से आती हैं, कुछ पढ़ते समय सीमा छोड़ देने से। अपने आउटपुट और वाक्य की तुलना करें। यदि दोनों शब्दों के अक्षर सही हैं लेकिन जुड़े हैं, तो सीमा पर ध्यान दें। यदि दो खाली जगह पड़ती हैं, तो देखें कि अगला शब्द पढ़ते समय आप space दोबारा तो नहीं दबा रहे।

विराम चिह्न को अपने सामान्य लेखन की आदत से न बदलें। स्क्रीन पर दिया गया चिह्न और उसके पास की खाली जगह कॉपी करें। वाक्य के अंत में अनुमान से नया चिह्न जोड़ना या बीच का चिह्न छोड़ना आउटपुट को अलग बना देता है। जहाँ संदेह हो, वहाँ छोटा हिस्सा फिर पढ़ें। अर्थ का अनुमान उस तुलना की जगह नहीं ले सकता।

किसी खास चिह्न पर रुकना पड़ता है तो पहले आउटपुट का मिलान करें। अलग इनपुट से दूसरा चिह्न निकल रहा हो सकता है, या आप गलत कुंजी चुन रहे हों। सही कारण पहचानने के बाद हरकत आजमाएँ। केवल पूरे वाक्य को धीमा करने से हर स्थिति हल नहीं होती, लेकिन संबंधित जगह पर सावधानी से काम करना अधिक उपयोगी जाँच है।

गलती के लक्षण से अगला छोटा काम चुनें

अपने अनुभव को “बहुत गलतियाँ” कहने के बजाय एक लक्षण में लिखें या मन में स्पष्ट करें। इससे कुंजियों की जानकारी पढ़ते समय एक दिशा मिलती है। सभी गलतियों को एक ही श्रेणी में रख देने पर आप ऐसी हरकत बदल सकते हैं जो समस्या का कारण ही नहीं थी।

| लक्षण | जाँच | अगला काम | | --- | --- | --- | | एक जैसी कुंजी हमेशा अलग रूप देती है | सक्रिय इनपुट | InScript मिलाकर फिर जाँचें | | मात्रा पढ़ते समय बदल जाती है | अपेक्षित शब्द का रूप | संबंधित हिस्सा फिर पढ़ें | | पड़ोसी कुंजी बार-बार दबती है | उंगली की शुरुआत और दिशा | उसी स्थानांतरण को सावधानी से करें | | शब्दों के बीच जगह गायब है | शब्द सीमा | अगला शब्द शुरू करने से पहले सीमा देखें | | कोई छोटा शब्द छूटता है | पढ़ने की वर्तमान जगह | स्थानीय हिस्सा पढ़कर आगे बढ़ें |

तालिका किसी खास वाक्य का परिणाम नहीं है। यह कारण अलग करने का तरीका है। अपने वास्तविक आउटपुट से मेल खाने वाली पंक्ति चुनें। यदि जाँच से कारण बदलता दिखाई दे, तो अपना अगला काम भी बदलें। गलत इनपुट के लिए कुंजी की हरकत दोहराना और गलत पढ़ने के लिए इनपुट बदलना आवश्यक रूप से उपयोगी नहीं होगा।

एक ध्यान चुनने के बाद अगले उपयुक्त स्थान पर उसे लागू करें। उदाहरण के लिए शब्द सीमा पर ध्यान दे रहे हैं तो हर सीमा पढ़ें, केवल पिछले गलत शब्द का इंतजार न करें। यदि उस वाक्य में संबंधित मात्रा नहीं आती, तो किसी दूसरी मात्रा को वैसा ही मानकर न बदलें। सक्रिय पाठ के अनुसार काम करें।

आगे का अभ्यास कैसे चुना जाता है

अभ्यास की योजना तैयार सामग्री और शब्दों के समूह से बनने वाले कुंजी अभ्यास का इस्तेमाल करती है। कुंजियों पर प्रदर्शन की जानकारी से जरूरत पहचानने में मदद ली जाती है। हाल के कामों को ध्यान में रखकर बार-बार वही सामग्री आने से बचने की कोशिश भी की जाती है। यह स्वयं हर वाक्य चुनने वाला संग्रह नहीं है।

एक गलती के बाद ठीक उसी अक्षर का अगला वाक्य मिलना तय नहीं है। उपलब्ध सामग्री और अन्य जानकारी भी चुनाव का हिस्सा हैं। इसलिए अपना ध्यान ऐसे रखें कि उसे अगले उपयुक्त हिस्से में लागू कर सकें। “अगली बार इसी मात्रा को ठीक पढ़ूँगा” उपयोगी योजना है; “अगला वाक्य सिर्फ इसी मात्रा का होगा” एक अनावश्यक अपेक्षा है।

यदि अगला काम तैयार होने में समय लगे, तो प्रतीक्षा को टाइपिंग की गलती न मानें। सामग्री या कनेक्शन की जरूरत हो सकती है। सक्रिय वाक्य उपलब्ध होने पर आगे बढ़ें। उस जगह अपनी पसंद का नया वाक्य टाइप करके खाली समय भरना इस क्रम का उद्देश्य नहीं है। अपनी सामग्री पर अलग माप चाहिए तो टेस्ट का उचित विकल्प चुन सकते हैं।

गति, सटीकता और कुंजियों की जानकारी पढ़ें

दिखाई गई गति को अकेले निर्णय का आधार न बनाएँ। सटीकता और कुंजियों की जानकारी साथ पढ़ें। यदि गति बढ़ी लेकिन वही स्थानांतरण बार-बार गलत हुआ, तो उस हरकत पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। यदि आउटपुट ठीक है लेकिन एक कुंजी खोजने में रुक रहे हैं, तो उसकी जगह दोबारा समझना अगला स्पष्ट काम है।

कुंजियों की जानकारी पढ़ते समय अपने कारण की जाँच भी जारी रखें। किसी कुंजी के पास गलती दिखने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि केवल उंगली की ताकत या गति समस्या है। मात्रा गलत पढ़ना या इनपुट का अंतर भी आउटपुट को प्रभावित कर सकता है। दिखाई गई जानकारी को अपने वास्तविक काम की तुलना के साथ इस्तेमाल करें।

पिछली पंक्ति से अगले निर्णय तक एक स्पष्ट संबंध बनाएँ। पहले लक्षण पहचानें, फिर जाँचें, फिर एक बदलाव चुनें। उसी बदलाव को लागू करके देखें। यदि साथ में कई चीजें बदल दीं, तो यह समझना मुश्किल होगा कि किस वजह से काम अलग हुआ। हर वाक्य में नई योजना बनाने की जरूरत नहीं; जब कारण वही है, तो चुने हुए ध्यान को जारी रख सकते हैं।

गति या सटीकता पर ध्यान कब बदलें

गति और सटीकता के विकल्प उपलब्ध हों तो वर्तमान जरूरत के अनुसार चुनें। मौजूदा वाक्य में भी ध्यान बदला जा सकता है। पहली पसंद हमेशा बनाए रखने की जरूरत नहीं है, लेकिन बिना कारण बार-बार बदलना भी जरूरी नहीं। जानकारी पढ़कर समझें कि अब आप किस काम को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

सटीकता पर ध्यान देने का व्यावहारिक अर्थ हो सकता है मात्रा पढ़कर सही हरकत करना। गति पर ध्यान देते समय भी सक्रिय पाठ का मिलान करना जरूरी रहता है। विकल्प बदलना अक्षर या चिह्न अपनी ओर से बदलने की अनुमति नहीं है। अपने ध्यान को किसी दिखाई देने वाली हरकत में बदलें, जैसे अगले शब्द से पहले सीमा पढ़ना।

यदि कई कुंजियों की जगह ही स्पष्ट नहीं है, तो केवल ध्यान का विकल्प बदलने से निर्देश का ज्ञान नहीं मिलेगा। पाठ का मार्गदर्शन पढ़ें। यदि जगह समझते हैं लेकिन वाक्य में गलती आती है, तो अभ्यास में उसी स्थानांतरण को देख सकते हैं। अपनी जरूरत के अनुसार काम चुनना केवल एक संख्या चुनने से अधिक उपयोगी है।

अभ्यास का एक उदाहरणात्मक क्रम

पहले इनपुट मिलाएँ और वर्तमान वाक्य पढ़ें। मान लें कि उसमें शब्दों की सीमा छूट रही है। अगली पंक्ति में अक्षरों की गति बदलने के बजाय सीमा पढ़ने पर ध्यान दें। वाक्य पूरा होने पर जानकारी देखें और पहचानें कि क्या वही गलती आई। यदि अब किसी मात्रा पर समस्या दिखे, तो उसे अलग जाँचें; पुराने कारण को हर नई गलती पर लागू न करें।

इस उदाहरण में कोई तय अंक लक्ष्य नहीं है। लक्ष्य एक कारण समझना और एक काम आजमाना है। परिणाम मिलने पर सोचें कि आपने क्या किया, न कि केवल संख्या ऊपर गई या नीचे। यदि सीमा ठीक हुई लेकिन दूसरा चिह्न अलग निकला, तो नई जाँच इनपुट या उस चिह्न की हरकत से जुड़ी होगी।

पाठ और हिंदी टाइपिंग टेस्ट की ओर कब जाएँ

कुंजी की जगह या निर्देश अस्पष्ट हों तो InScript टच टाइपिंग पाठ खोलें। वहाँ वर्तमान काम के मार्गदर्शन को पढ़ें। अभ्यास में लौटकर उसे वाक्यों में लागू करें। किसी गलत हरकत को समझे बिना बहुत सारे वाक्य टाइप करना जरूरी नहीं कि आपके प्रश्न का उत्तर दे।

अलग शर्तों में माप चाहिए तो InScript हिंदी टाइपिंग टेस्ट चुनें। समय, शब्द संख्या या अपनी सामग्री तय करें। दो परिणामों की तुलना के लिए इनपुट, उपकरण और विकल्प एक जैसे रखें। अभ्यास की जानकारी, पाठ के सितारे और टेस्ट की गणना को एक ही नियम न मानें। हर काम का परिणाम उसी काम के संदर्भ में पढ़ें।

अभ्यास के बारे में प्रश्न

क्या हर वाक्य मैं स्वयं चुन सकता हूँ?

नहीं। आगे का वाक्य योजना के अनुसार उपलब्ध सामग्री से चुना जाता है। वर्तमान काम का पालन करें। अपनी सामग्री पर अलग माप लेना है तो टेस्ट में अपनी सामग्री वाला विकल्प देखें।

क्या गलती वाली कुंजी तुरंत अगले वाक्य में आएगी?

यह तय नहीं है। कुंजियों की जानकारी इस्तेमाल होती है, लेकिन सामग्री और अन्य चुनाव भी महत्वपूर्ण हैं। अपने ध्यान को अगले उपयुक्त स्थान पर लागू करें, न कि केवल उसी अक्षर की प्रतीक्षा करें।

क्या मात्रा और विराम चिह्न ठीक कॉपी करने हैं?

हाँ। अक्षर, मात्रा, खाली जगह और चिह्न सभी दिखाए गए पाठ के अनुसार लिखें। शब्द का अर्थ समझ आ जाना उसके रूप को बदलने का कारण नहीं है।

जानकारी में पहले क्या देखूँ?

पहले वह गलती देखें जिसका कारण स्पष्ट किया जा सकता है। गति, सटीकता और संबंधित कुंजी की जानकारी साथ पढ़ें। फिर अगले वाक्य के लिए एक छोटा काम चुनें।

क्या वाक्य के बीच ध्यान बदल सकता हूँ?

हाँ, गति और सटीकता के विकल्प उपलब्ध होने पर मौजूदा वाक्य में बदल सकते हैं। दिखाई गई जानकारी और अपनी जरूरत के आधार पर चुनें, और उसी सक्रिय पाठ को जारी रखें।

पाठ या टेस्ट पर कब लौटूँ?

मार्गदर्शन चाहिए तो पाठ पर जाएँ; अलग माप चाहिए तो टेस्ट चुनें। किसी सीखी हरकत को जुड़े हुए पाठ में इस्तेमाल करना है तो इसी अभ्यास क्रम में काम जारी रखें।

अभ्यास शुरू करें: InScript मिलाएँ, वर्तमान वाक्य पढ़ें और एक स्पष्ट हरकत पर ध्यान देकर आगे बढ़ें।